दैनिक प्रेरक कहानी कीमहाशिव जी एक ही है? जानने के लिए देखे Satlok Ashram Youtube chennal
Read more »Satlok is the completed peaceful place
Read more »दीपावली २०२० पर विशेष जानकारी हर साल भारत मे कई त्योहार मनाये जाते है जिसमें दीपावली मुख्य त्योहार के रूप में मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म का मुख्य त्योहार है। इस दिन लोग अपने घरों में विशेष सजावट व खाने के लिए तरह तरह के फूल बनाते हैं। दिवाली / दीपावली मनाने की सुरुआत दीपावली मनाने की सुरुआत त्रेता युग मे शुरु हुई। रामायण के अनुशार जब रामचंद जी जो जब वनवास हुआ तब र…
Read more »पवित्र कुरान सरिप में व बाइबल में लिखा है कि परमेश्वर ने मनुष्यों को अपने ही स्वरूप के अनुसार बनाया। तथा नर और नारी बनाकर संसार की उतपत्ति की।
Read more »Rakshabandhan : 2020 रक्षाबंधन का त्योहार रक्षाबंधन रक्षाबंधन हिन्दू धर्म का एक मुख्य त्योहार है। यह श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाई को रक्षा सूत्र लाती है जिसका उद्देश्य होता है कि भाई विपत्ति में बहन की रक्षा करे। इस त्योहार का प्रचलन प्राचीन काल से ही होता आ रहा है। इस दिन प्रत्येक हिन्दू धर्म के लोग घर मे अच्छे अच…
Read more »विज्ञान और ज्ञान में क्या अंतर है? ज्ञान और विज्ञान का अभिप्राय :- किसी के बारे में पूर्ण रूप से जानना ज्ञान कहलाता है। तथा किसी भी वस्तु या पदार्थ के बारे में जानकारी लेना व जानकारी को सही तरीकों से लागू करना एवं किसी भी वस्तु या पदार्थ का सही अवलोकन, निर्णय करना एवं उसका विश्लेषण करना विज्ञान है। ज्ञान से विज्ञान का प्रचलन ज्ञान से ही हमे यह मालूम होता…
Read more »बॉलीवुड कितना ठीक है? बॉलीवुड भारतीय सिनेमा का ही नाम है इसका मुख्य केंद्र मुम्बई में है। लोगो का मनोरंजन करना इसका उद्देश्य है। आधुनिक युग मे कोई भी इंसान बॉलीवुड की फिल्मों से अछूता नही रहा। युवा वर्ग फिल्मों के अनुरूप ही अपने आप को ढालता जा रहा है। बॉलीवुड से समाज मे फैली अश्लीलता भारतीय सिनेमा पश्चिम सभ्यता की देन है। यह समाज मे अश्लीलता फैलाने का कार्य…
Read more »महामारी क्या होती है? महामारी एक तरह की आपदा होती हैं जो मानव समाज के लिए घातक है। महामारी किसी क्षेत्र या देश से पनपती हुई सम्पूर्ण मानव समाज को तहस नहस कर देती है। महामारी से अत्यधिक लोग बेमौत मर जाते हैं जो वर्तमान की मृत्यु दर से काफी ज्यादा होती है। वर्तमान में कोरोना वाइरस से अत्यधिक मोत व इसका बढ़ता संक्रमण महामारी का ही रूप है। महामारी आने क…
Read more »आध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता हमारे जीवन मे गुरु की आवश्यकता बेहद जरूरी है। हमे अच्छा जीवन जीने के साथ साथ परमेश्वर की प्राप्ति के लिए परमात्म ज्ञान की जरूरत होती है। वह पूर्ति आध्यात्मिक गुरु ही करता है। आध्यात्मिक गुरु परमात्मा प्राप्ति के लिए मार्गदर्शक होते है तथा गुरु परमेश्वर के तुल्य होते हैं। गुरु हमे बुराई को त्यागने व अच्छे कर्म करवाने के लिए प्रेर…
Read more »बाईबल तथा कुरान शरीफ में सृष्टी रचना व परमेश्वर का स्वरूप पवित्र बाइबल तथा कुरान सरिप का ज्ञान कुछ मिलता जुलता है। जिस तरह कुरान में 6 दिन में सृष्टी रचना का प्रमाण है उसी तरह बाइबल में भी 6 दिन का प्रमाण है जो इस प्रकार है- परमेश्वर ने 6 दिन में सृष्टि की रचना की तथा 7वे दिन तख्त पर जा विराजे। 【उत्पति ग्रन्थ के पृष्ठ 2 पर अध्याय 1:20 से 2:5】 इससे सिद्ध …
Read more »कबीर साहेब जी ही अल्लाह है। फजाईले आमाल अल्लिमुल गैंब बसाहादाती तील कबीर रुलमुतालु यानी वह कबीर अल्लाह तमाम पोसीदा ओर जाहिर चीजो का जानने वाला है। कुरान में सबसे बड़ा अल्लाह, कबीर को बताया हैं। अल्लाह की जानकारी कुरान में अल्लाह की जानकारी बताई हैं। सूरत फुरकान 25 आयत 62 से लेकर 59 तक। जिस अल्लाह ने 6 दिन में सृष्टी बनाई तथा 67…
Read more »प्राणी की जीवन की यात्रा जन्म से प्रारम्भ हो जाती है। उसकी मंजिल निर्धारित होती है। यहाँ इस पवित्रा पुस्तक में मानव जीवन की यात्रा के मार्ग परविस्तारपूर्वक वर्णन है। मानव (स्त्रा/पुरूष) की मंजिल मोक्ष प्राप्ति है। उसके मार्गमें पाप तथा पुण्य कर्मों के गढ्ढ़े तथा काँटे हैं। आप जी को आश्चर्य होगा कि पापकर्म तो बाधक होते हैं, पुण्य तो सुखदाई होते हैं। इ…
Read more »कबीर साहेब जी का नाम याद आते ही मन मे भक्ति की उमंग सी उठती है। कबीर साहेब जी जब धतरी ओर प्रकट हुए थे तब अज्ञान व पाखण्डवाद चरम पर था। कबीर साहेब जी ने ज्ञान के साथ साथ सामाजिक व्यवस्था को भी सुधारने का काम किया है। कबीर साहेब जी के यहां प्रकट होने से भक्ति युग की सुरुआत हुई थी । उनका ज्ञान अध्यात्मिकता के क्षेत्र में एक क्रांति थी मगर पाखण्डवाद को बढ़ावा…
Read more »पूर्णप्रमात्मा कबीर चारों युगों में आते हैं । अपना तत्वज्ञान बताकर अच्छी आत्माओं का उद्धार करते हैं। चारों युग मे हम पुकारे कुक कहा हम हेल रे । हीरे मानक मोती बरसे ये जग चुगता ढेल रे।। सतयुग में सतसुकृत कह टेरा त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा।। द्वापर में करुणामय कहाया कलयुग में कबीर नाम धराया।। चारो युगों में परमेश्वर कबीर साहेब जी सशरीर जल के ऊपर कमल के फूल …
Read more »Supreme God Kabir ji alone is the eternal Supreme Guru. He alone transforming himself appears (swayambhu) in a Saint or Rishi attire, and makes the Tatvgyan spoiled by the messengers (saints) of Kaal healthy. Kabir Sahib only on coming from His Satlok from time to time gave naam-updesh1 to Brahma, Vishnu, and Shiv etc gods, Rishi-Munis and saints.
Read more »शेखतकी दिल्ली के राजा सिकन्दर लोधी का धार्मिक गुरु था और सिकन्दर कबीर साहेब जी का शिष्य बन गया जिससे शेखतकी उनसे ईर्ष्या करता था। शेखतकी ने कई योजना बनाकर उनको मारना चाहता था । ● शेखतकी ने कहा कि सब उपस्थित जनता कबीर को पत्थर मार-मारकर मार डालो। ऐसा ही किया गया। फिर तीर चलाने वाले सैनिकों से कहा कि तीर मार-मारकर कबीर की हत्या कर दो।परंतु परमेश्वर कबी…
Read more »कबीर साहेब जी सर्वशक्तिमान परमेश्वर है । वे अपना तत्वज्ञान बताने के लिए सशरीर प्रकट होते हैं । और अनेक आत्माओं को सभी भक्ति बताकर उनका कल्याण करते हैं। हम सभी कबीर परमेश्वर की आत्माएं है । परमेश्वर कबीर जी सतलोक में राजा के समान देखने योग्य है। वे यहां पर चारों युगों में प्रकट होते हैं तथा निसन्तान पुण्यात्माओं को मिलते हैं। कबीर साहेब जी …
Read more »अपने मोबाइल में पढ़े जीने की राह पुस्तक 👉 Download करे
Read more »गरीब किसान की कहानी गरीब होना कोई गुनाह नही है, लेकिन लालच करना सबसे बड़ा पाप है, क्युकी जो लोग गरीब होते है, अक्सर वे स्वाभिमानी होते है। रामू और श्यामू दो अच्छे पडोसी थे रामू बेहद गरीब किसान था जबकि श्यामू अमीर पैसे वाला बड़े मकान का मालिक था. रामू भले ही गरीब था लेकिन वह अपने को हमेसा खुश और आराम महसूस करता था वह कभी भी रात में सोते समय कभी घर की खिड़किया या दरवाज…
Read more »शिक्षा जीवन का महत्वपूर्ण विषय है । ( home depot ) school शिक्षा के बिना इंसान अधूरा ही समझा जाता है। लेकिन अभी वर्तमान की शिक्षा प्रणालीकुछ सही नही है ।समय के हिसाब से इसका नवीनीकरण होना अनिवार्य है। देश किस स्तिथि में है यह जानकारी हम प्राथमिक शिक्षा से मूल्यांकन कर सकते हैं। वर्तमान में सरकारी प्राथमिक शिक्षा का स्तर बिल्कुल नीचे पँहुच चुका है । …
Read more »संस्कारो का बदलता स्वरूप 🔺 वर्तमान समय में जन साधारण संस्कारों के सामाजिक और धार्मिक महत्व को भूल गए। संस्कार एक परम्परा मात्र रह गए। उनमें गतिशीलता न रही। समाज की बदलती हुई परिस्थितियों के अनुसार उनमें परिवर्तन नहीं किए गए। उनमें मानव को सुसंस्कृत बनाने की शक्ति न रही। वे नित्य चर्या से संबंधित धार्मिक- कृत्य मात्र रह गए। उनका जीवन पर प्रभाव लेशमात्र भी न रहा। …
Read more »‘‘तीनों गुण रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी, तमगुण शिव जी हैं। ब्रह्म (काल) तथा प्रकृति (दुर्गा) से उत्पन्न हुए हैं तथा तीनों नाशवान हैं‘‘ प्रमाण :- गीताप्रैस गोरखपुर से प्रकाशित श्री शिव महापुराण जिसके सम्पादक हैं श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार पृष्ठ सं. 24 से 26 विद्यवेश्वर संहिता तथा पृष्ठ 110 अध्याय 9 रूद्र संहिता ‘‘इस प्रकार ब्रह्मा-विष्णु तथा शिव ती…
Read more »सबका मालिक एक कौन है ?, सृष्टि की रचना किसने व् कैसे की, ब्रह्मा विष्णु महेश के माता पिता कौन है ? Must see 🔺शेरावाली माता दुर्गाजी का पति कौन है और अगर नहीं है सिंदूर श्रृंगार और लाल चुनरिया किस वास्ते ? 🔹 हमको जन्म देने और मारने में किस प्रभु का स्वार्थ है ? हम क्यों जन्मते मरते है ? 🔺84 लाख योनियां क्यों बनायीं गयी है ? क्या त्रिदेव दुर्गाजी 33 क…
Read more »नशा करना कितना खतरनाक है स्वास्थ्य व अपने जीवन पर ? नशा एक प्रकार का व्यसन तो है हि लेकिन इसका जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है । नसीले पदार्थो के हानिकारक तत्व सरीर में प्रवेश करते ही कई बीमारियांं हो जाती हैं तथा सरीर बीमारियों का अड्डा बन जाता है । नशा करने के आदी कई लोग अपना घर बर्बाद करके फिर आत्महत्या करते हैं । यह एक सामाजिक बुराई बन गई हैं…
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