search in the blog

गरीब किसान की कहानी


गरीब किसान की कहानी 

गरीब होना कोई गुनाह नही है, लेकिन लालच करना सबसे बड़ा पाप है, क्युकी जो लोग गरीब होते है, अक्सर वे स्वाभिमानी होते है। 

 रामू और श्यामू दो अच्छे पडोसी थे रामू बेहद गरीब किसान था जबकि श्यामू अमीर पैसे वाला बड़े मकान का मालिक था.

रामू भले ही गरीब था लेकिन वह अपने को हमेसा खुश और आराम महसूस करता था वह कभी भी रात में सोते समय कभी घर की खिड़किया या दरवाजे बंद करके नही सोता था उसे किसी भी प्रकार की चिंता नही थी वह पूरी रात आराम से गहरी नीद में सोता था और इस प्रकार उसका जीवन शांतिपूर्ण कट रहा था.

जबकि इसके ठीक उलट श्यामू इतने धनवान होने के बावजूद हमेसा तनाव में रहता था वह पूरी रात खिडकियों और दरवाजो को बंद करके भी सो नही पाता था वह हमेसा इसी चिंता में रहता था की कही चोर उसके तिजोरी को तोडकर धन न चुरा ले जाए जिसके कारण उसे दिन रात बस धन की ही फ़िक्र लगी रहती थी.


एक दिन की बात है श्यामू रामू से मिला तो श्यामू बोला “तुम हमेसा गरीबी में ही रहते हो मुझसे कुछ धन ले लो और तुम भी अपना जीवन सुखपूर्वक गुजारो.

इसके बाद रामू अपने पडोसी से धन पाकर बहुत खुश हुआ उसने न जाने कितने सपने देखने लगे और इस प्रकार रात भी होने को आई फिर धन को घर में छिपाकर खिडकियों, दरवाजो को अच्छी तरह से बंद करके बिस्तर पर सोने को चला गया लेकिन उसे आज नीद ही नही आ रही उसका मन बार बार मिले धन पर ही जाता था बार बार अपने धन के बारे में सोचता रहा जिसके कारण आज वह पहली बार पूरी रात सो न सका

और फिर रामू ने निश्चय किया की “जिस धन के चलते मेरी नीद और सुख चली गयी हो भला वह धन मेरे किस काम के, आज सुबह ही इसको अपने मित्र श्यामू को ये धन वापस कर दूंगा”
और जैसे ही सुबह हुआ वह धन को लेकर श्यामू के पास आ गया और धन लौटाते हुए बोला की “मित्र मै गरीब जरुर हु लेकिन सुख से अमीर था आपके दिए पैसे ने मेरे सारे सुख चैन को गायब कर दिए ऐसे धन न होने से ही अच्छा है इसलिए इसे आप वापस अपने पास रख ले”

और इस प्रकार धन लौटाने के बाद फिर से रामू अपने सुख के दिनों में वापस लौट आया

कहानी से नैतिक शिक्षा
कहानी से यही शिक्षा मिलती है की धन से सबकुछ नही मिल सकता है जो भी हमे ईश्वर ने दिया है उसमे संतुष्ट होना सीखे और यदि आप ऐसा करते है तो ईश्वर द्वारा दी गयी सुखो में आप हमेसा संतुष्ट रह सकते है
>

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ