search in the blog

महामारी के कारण और बचाव




महामारी क्या होती है? 


महामारी एक तरह की आपदा होती हैं जो मानव समाज के लिए घातक है। महामारी किसी क्षेत्र या देश  से पनपती हुई सम्पूर्ण मानव समाज को तहस नहस कर देती है। महामारी से अत्यधिक लोग बेमौत मर जाते हैं जो वर्तमान की मृत्यु दर से काफी ज्यादा होती है।
पूर्ण सन्त ही हमारी से बचा जा सकते हैं।
वर्तमान में कोरोना वाइरस से अत्यधिक मोत व इसका बढ़ता संक्रमण महामारी का ही रूप है।

    महामारी आने के कारण

धरती पर कोई भी अप्रिय घटना होती हैं तो उसकी जिम्मेदार केवल मानव जाति होती हैं। ठीक इसी प्रकार किसी भी महामारी के आने की जिम्मेदार भी मानव जाति ही होती है।

महामारी तीन ताप के पाप कर्मों से आती है। तीन ताप वह होता है जो किसी सन्त या किसी जीव को सताने पर भगवान के विधान अनुसार मिलने वाला पाप कर्म।
किसी निर्दोष सन्त, भक्त, या निर्दोष जीव को सताया जाता है तो जहां पर पापी व्यक्ति निवास करते हैं वहाँ पर प्राकृतिक आपदा या महामारी  जैसी घटना घटित होती है।
परम् सन्त , महात्माओं का अनादर करना यह भगवान के संविधान का उलंघन है। फिर समय अनुसार उनका कर्म दण्ड भुगतना पड़ता है।
धरती पर प्रतेक जीव परमात्मा का अंश है। उन पर अत्याचार करना परमेश्वर को दुःखी करने जैसा है। इसलिए जब भी कोई आपदा आये तो समझना चाहिए कि धरती पर किसी महात्मा या निर्दोष पर अत्याचार हो रहा है।
पवित्र गीता जी मे लिखा है कि जब जब धर्म की हानि होती है तथा अधर्म की वृद्धि होती है तब में अधर्मियों का नाश करने के लिए प्रकट होता हूँ।

महामारी से बचाव कैसे हो? 


धरती पर कोई भी अप्रिय घटना या कोई भी रोग महामारी का रूप ले लेता है तो उसके बचाव के लिए परम सन्त की शरण लेना चाहिए।  तीन ताप के दुःखो के कारण महामारी आती है। इसका निवारण केवल पूर्ण सन्त यानी सतगुरु ही कर सकते हैं। कबीर साहेब जी ने कहा है कि-
मासा घटे न तिल बढ़े विधि ने जो लिख दिए लेख। 
साँचा सतगुरु मेटकर ऊपर मार दे मेख।।
भावार्थ- कबीर साहेब जी ने अपनी वाणी में बताया है कि सच्चा सतगुरु की शरण मे जाने से व्यक्ति के विधान में लिखे लेख को भी मिटा देते हैं तथा  नया जीवन देकर भक्ति के लिए उम्र बढ़ाते हैं।
सतगुरु की शरण लेकर आपदा व महामारी से बच सकते हैं।

मानव जाति से विनम्र निवेदन है कि वर्तमान में इस धरती पर पूर्ण सन्त विद्यमान है। जो किसी भी प्राकृतिक आपदा या महामारी ( korona)को समाप्त कर सकते हैं। वह  महापुरुष, परम् सन्त रामपाल जी महाराज है। सत्य को झुठलाया नही जाता केवल कुछ समय के लिए दुनिया की नजर में  छुपाया जा सकता है। लेकिन जब नियत का ठीक समय आएगा सत्य जरूर प्रकाशित होगा। अतः परम् सन्त रामपाल जी महाराज जी की शरण लेकर अनमोल जीवन को धन्य बनाये। more info about Saint Rampal Ji Maharaja

>

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ