नशा करना कितना खतरनाक है स्वास्थ्य व अपने जीवन पर ?
नशा एक प्रकार का व्यसन तो है हि लेकिन इसका जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है । नसीले पदार्थो के हानिकारक तत्व सरीर में प्रवेश करते ही कई बीमारियांं हो जाती हैं तथा सरीर बीमारियों का अड्डा बन जाता है ।
नशा करने के आदी कई लोग अपना घर बर्बाद करके फिर आत्महत्या करते हैं । यह एक सामाजिक बुराई बन गई हैं। इसे छोड़ने की कोसिस भी करते हैं मगर नही छूटती।
शास्त्रो व सन्तो ने नशे की लत को बहुत ख़राब बताया है । और इसका कितना दुष्प्रभाव होता है यह भी बताया है ।
गरीबदास जी ने बताया है कि
गरीब, हुक्का हरदम पिवते, लाल मिलावैं धूर। इसमें संशय है नहीं,
जन्म पिछले सूर।।1।।
गरीब, सो नारी जारी करै, सुरा पान सौ बार। एक चिलम
हुक्का भरै, डुबै काली धार।।2।
गरीब, सूर गऊ कुं खात है, भक्ति बिहुनें राड। भांग तम्बाखू खा गए,
सो चाबत हैं हाड।।3।।
गरीब, भांग तम्बाखू पीव हीं, सुरा पान सैं हेत। गौस्त मट्टी खाय
कर, जंगली बनें प्रेत।।4।।
गरीब, पान तम्बाखू चाब हीं, नास नाक में देत। सो तो इरानै गए,
ज्यूं भड़भूजे का रेत।।5।।
गरीब, भांग तम्बाखू पीव हीं, गोस्त गला कबाब। मोर मग कूं भखत
हैं, देगें कहां जवाब।। 6।।
गरीब दास जी महाराज ने सभी मानव को चेतावनी दी है कि कोई भी नशा , शराब, तम्बाखू प्रयोग नही करे। जो एक बार हुक्का पीने वाले कि चिलम भरता है वह भी 70 जन्म कुते के भोगता है । चिलम पीने वालों का कितना पाप होगा अंदाजा लगाना भी मुश्किल है ।
सन्त रामपाल जी महाराज सच्चे सतगुरु है उनका ज्ञान समझे और नाम दीक्षा ले । जिससे नशे को आसानी से छुड़वा सकते हैं । सन्त रामपाल जी महाराज जी के प्रवचन जरूर सुने साधना चैनल शाम 7:30 से तथा नशे को कहे अलविदा ।
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