पूर्णप्रमात्मा कबीर चारों युगों में आते हैं । अपना तत्वज्ञान बताकर अच्छी आत्माओं का उद्धार करते हैं।
चारों युग मे हम पुकारे कुक कहा हम हेल रे ।
हीरे मानक मोती बरसे ये जग चुगता ढेल रे।।
सतयुग में सतसुकृत कह टेरा त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा।।
द्वापर में करुणामय कहाया कलयुग में कबीर नाम धराया।।
चारो युगों में परमेश्वर कबीर साहेब जी सशरीर जल के ऊपर कमल के फूल पर प्रकट होते है जिस कारण उन्हें सत्य नारायण कहते हैं। निसन्तान दम्पति उनको घर ले जाते हैं। उनकी परवरिस कुँआरी गायों के दूध से होती है।
परमेश्वर कबीर साहेब जी का यहाँ प्रकट होने का उद्देश्य यह होता है कि हम सभी उन्ही की आत्माएं है जो कि काल के साथ यहाँ आ गए। अब हम उनकी भक्ति पूर्ण सन्त से नाम दीक्षा लेकर करने से यहाँ से मुक्त हो सकते हैं।
सन्त रामपाल जी महाराज वर्तमान में पूर्ण सन्त है जो इस काल जाल से निकालकर परमेश्वर के निज लोक सतलोक में ले जा सकते है।
सन्त रामपाल जी महाराज के मंगल1प्रवचन देखे साधना चैनल शाम 7:30 pm से
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