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ज्ञान और विज्ञान में अंतर क्या है?

विज्ञान और ज्ञान में क्या अंतर है? 

ज्ञान और विज्ञान  का अभिप्राय :- किसी के बारे में पूर्ण रूप से जानना ज्ञान कहलाता है।
तथा किसी भी वस्तु या पदार्थ के बारे में जानकारी लेना व  जानकारी को सही तरीकों से लागू करना एवं किसी भी वस्तु या पदार्थ का सही अवलोकन, निर्णय करना एवं उसका विश्लेषण करना  विज्ञान है।

 ज्ञान से विज्ञान का प्रचलन

ज्ञान से ही हमे यह मालूम होता है कि हमारे आसपास जो भी पदार्थ है उनका सही उपयोग करने के लिए ज्ञान की आवश्कयता होती हैं तथा ज्ञान प्राप्त होने के बाद उसको इच्छित रूप में व्यवस्थित करना विज्ञान कहलाती है।

ज्ञान व विज्ञान के रूप। 

ज्ञान व विज्ञान केवल भौतिकवाद ही नही होता बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान व विज्ञान भी होता हैं। जिस तरह भौतिकवाद की दृष्टी से विज्ञान ने क्या क्या अविष्कार किये हैं ये आपसे नही छुपा है। ब्रह्मांड में अनेक अनुसंधान हुए तथा सफल भी हुए। मगर एक रहस्य बना हुआ है कि इस ब्राह्मण की रचना किसने की तथा कैसे हुई।  इसी तरह ब्रह्मांड के कई अनसुने रहस्य भी हैं जिसको केवल आध्यात्मिक ज्ञान से  जान सकते हैं।

ज्ञान व विज्ञान में मूल अंतर।

 हम आपने आस पास जो भी कुछ संसाधन देख रहे हैं वे सब विज्ञान  की देन हैं। लेकिन यह पूर्ण रूप से इंसानकृत नही है। इसमे परमेश्वर जी शक्ति व इच्छा का समावेश होता है।  आज मानव अनेक अविष्कार करके इंसानों के जीवन को सुलभ बना बना दिये है । लेकिन भगवान के बिना ये सब व्यर्थ है। क्योंकि दो या तीन वर्ष वर्षा नही होगी तो न ये विज्ञान काम आएगी और न ही कोई अविष्कार। कुल मिलाकर विज्ञान को ज्ञान की जरूरत होती है।

आध्यात्मिक ज्ञान बिना विज्ञान व्यर्थ ।


विज्ञान के माध्यम से हम सुनते आए है कि  ब्रह्मण्ड में कई ग्रह हैं जो सूर्य के चारों ओर चक्कर काटते हैं। मगर यह पता नही लगा सके कि यह चक्कर किस शक्ति के कारण चक्कर लगाते हैं।  लेकिनआध्यात्मिक ज्ञान से इसे आसानी से जान सकते हैं। तथा यह भी जान सकते हैं कि की ब्रह्मण्डों की उतपत्ति व विनाश कैसे होता हैं।  वर्तमान में सन्त रामपाल जी महाराज जी ही विज्ञान के वास्तविकता व ब्रह्मण्डों की वास्तविक जानकारी बता सकते हैं।
आइये जानते हैं:- सन्त रामपाल जी महाराज जी ने बताया कि विज्ञान से केवल इस संसार की सुख सुविधा की प्राप्त कर सकते है मगर आत्म शांति प्राप्त नही कर सकते।
आत्म शांति के लिए सबसे पहले पूर्ण गुरु की आवश्यकता होती हैं
जो वर्तमान में सन्त रामपाल जी महाराज हैं। सृष्टि से सम्बंदित जो ज्ञान सन्त रामपाल जी महाराज जी ने बताया हैं वह ज्ञान विज्ञान के माध्यम से कभी नही जान सकते।
ज्ञान व विज्ञान में क्या अंतर होता है।

सन्त रामपाल जी महाराज जी द्वारा बताए ज्ञान (सृष्टि की उतपत्ति, स्तिथि, व संहार कैसे होता हैं। ) की विस्तृत जानकारी पाने के लिए अवश्य देखे साधना चैनल शाम 7:30 से।





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