आध्यात्मिक गुरु की आवश्यकता हमारे जीवन मे गुरु की आवश्यकता बेहद जरूरी है। हमे अच्छा जीवन जीने के साथ साथ परमेश्वर की प्राप्ति के लिए परमात्म ज्ञान की जरूरत होती है। वह पूर्ति आध्यात्मिक गुरु ही करता है। आध्यात्मिक गुरु परमात्मा प्राप्ति के लिए मार्गदर्शक होते है तथा गुरु परमेश्वर के तुल्य होते हैं। गुरु हमे बुराई को त्यागने व अच्छे कर्म करवाने के लिए प्रेर…
Read more »बाईबल तथा कुरान शरीफ में सृष्टी रचना व परमेश्वर का स्वरूप पवित्र बाइबल तथा कुरान सरिप का ज्ञान कुछ मिलता जुलता है। जिस तरह कुरान में 6 दिन में सृष्टी रचना का प्रमाण है उसी तरह बाइबल में भी 6 दिन का प्रमाण है जो इस प्रकार है- परमेश्वर ने 6 दिन में सृष्टि की रचना की तथा 7वे दिन तख्त पर जा विराजे। 【उत्पति ग्रन्थ के पृष्ठ 2 पर अध्याय 1:20 से 2:5】 इससे सिद्ध …
Read more »कबीर साहेब जी ही अल्लाह है। फजाईले आमाल अल्लिमुल गैंब बसाहादाती तील कबीर रुलमुतालु यानी वह कबीर अल्लाह तमाम पोसीदा ओर जाहिर चीजो का जानने वाला है। कुरान में सबसे बड़ा अल्लाह, कबीर को बताया हैं। अल्लाह की जानकारी कुरान में अल्लाह की जानकारी बताई हैं। सूरत फुरकान 25 आयत 62 से लेकर 59 तक। जिस अल्लाह ने 6 दिन में सृष्टी बनाई तथा 67…
Read more »प्राणी की जीवन की यात्रा जन्म से प्रारम्भ हो जाती है। उसकी मंजिल निर्धारित होती है। यहाँ इस पवित्रा पुस्तक में मानव जीवन की यात्रा के मार्ग परविस्तारपूर्वक वर्णन है। मानव (स्त्रा/पुरूष) की मंजिल मोक्ष प्राप्ति है। उसके मार्गमें पाप तथा पुण्य कर्मों के गढ्ढ़े तथा काँटे हैं। आप जी को आश्चर्य होगा कि पापकर्म तो बाधक होते हैं, पुण्य तो सुखदाई होते हैं। इ…
Read more »कबीर साहेब जी का नाम याद आते ही मन मे भक्ति की उमंग सी उठती है। कबीर साहेब जी जब धतरी ओर प्रकट हुए थे तब अज्ञान व पाखण्डवाद चरम पर था। कबीर साहेब जी ने ज्ञान के साथ साथ सामाजिक व्यवस्था को भी सुधारने का काम किया है। कबीर साहेब जी के यहां प्रकट होने से भक्ति युग की सुरुआत हुई थी । उनका ज्ञान अध्यात्मिकता के क्षेत्र में एक क्रांति थी मगर पाखण्डवाद को बढ़ावा…
Read more »पूर्णप्रमात्मा कबीर चारों युगों में आते हैं । अपना तत्वज्ञान बताकर अच्छी आत्माओं का उद्धार करते हैं। चारों युग मे हम पुकारे कुक कहा हम हेल रे । हीरे मानक मोती बरसे ये जग चुगता ढेल रे।। सतयुग में सतसुकृत कह टेरा त्रेता नाम मुनीन्द्र मेरा।। द्वापर में करुणामय कहाया कलयुग में कबीर नाम धराया।। चारो युगों में परमेश्वर कबीर साहेब जी सशरीर जल के ऊपर कमल के फूल …
Read more »Supreme God Kabir ji alone is the eternal Supreme Guru. He alone transforming himself appears (swayambhu) in a Saint or Rishi attire, and makes the Tatvgyan spoiled by the messengers (saints) of Kaal healthy. Kabir Sahib only on coming from His Satlok from time to time gave naam-updesh1 to Brahma, Vishnu, and Shiv etc gods, Rishi-Munis and saints.
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