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कोरोना वाइरस (covid19) व इसका बचाव


                   Covid19

दोस्तो आज covid19 पर कुछ चर्चा करते हैं  , कितना फेल चुका है ओर इसको रोकने के लिए क्या प्रयास है तथा क्या इसका पूर्ण समाधान क्या है ?



कोरोना वाइरस इस दुनिया मे एक महामारी का रूप ले लिए है और  इसका आतंक इस कदर है कि  सभी देश इसकी चपेट में आ चुके है । कोई भी देश इससे अछूता नही बचा है।  सब तरफ पांव पसारता नजर आ रहा है ।
सुनने में रहा हैं जी 2020 के अंत इसका  वैक्सीन बन सकेगी ।  तब तक न जाने कितनी आबादी  कोरोना की ग्रास बन जाएगी।
 फिलहाल भारत दुनिया मे काफी अच्छी स्तिथि में हैं अगर इस समय इसका इलाज मिल जाये तो। 


मृत्यु व कुल मामले


6 मई 2020 तक 1694 लोगो की मृत्यु हो चुकी है   तथा 33514 सक्रिय  हैं

COVID-19 कोरोना वायरस की महामारी से उत्पन्न चुनौती और खतरे से निपटने के लिए भारत सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है। देश की जनता के सक्रिय सहयोग से हम देश में वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में सक्षम हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई जानकारी और सलाह को सावधानी व सही तरीके से पालन कर वायरस के स्थानीय प्रसार को रोका जा सकता है।

लोकडॉन कितना कारगर है

Covid19 को रोकने के लिए लोकडॉन करना अनिवार्य है लेकिन इसका पालन सही तरीके से नही होना आग में घी डालने जैसा है ।   

हाल ही में सरकार द्वारा लोकडॉन बढ़ाया जो अच्छा है  लेकिन  शराब की दुकानें खोलना यह  चिंता का विषय है । क्योंकि  कोई भी व्यक्ति जो शराब पीता है वह न लोकडॉन का पालन कर सकेगा और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का ।   इसलिए शराब  को खुली छूट देना बहुत गलत है इससे covid19 को रोकने में मुश्किल खड़ी करेगा । 

 Covid19 महामारी आने के कारण सास्त्र अनुसार

जी हाँ यह सवाल सभी के मन मे होगा लेकिन यह हम नही कहते यह हमारे सद्ग्रन्थ बताते हैं कि  कोई भी लाइलाज बीमारी को सिर्प परमेश्वर ठीक कर सकते हैं। 

अब सवाल है कि कौन है वह परमेश्वर तथा वे कैसे ठीक कर सकते हैं ?  अब इसकी जानकारी  मिलेगी। 

हम सभी बचपन से सुनते आ रहे हैं कि भगवान दयालु होता हैं  उनकी इच्छा से सब कुछ होता है । लेकिन फिर भी हम भूल जाते है कि परमेश्वर  हमारे सास्त्र बताते हैं की जब भी  धरती पर अधर्म बढ़ता है तो परमात्मा  अपने अवतार , सन्त भेजकर  अधर्म को मिटाकर धर्म की स्थापना करता हैं ।

क्या वर्तमान में अधर्म  नही बड़ा? 

आज हर तरफ   रोज कहीं न कंही  ऐसा कार्य हो रहा हैं जिससे मानवता तार तार हो रही हैं  ।   चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। कोई धर्म के नाम पर लड़ रहा है कोई कैसे। यही तो अधर्म का बढ़ावा है   धर्म के नाम पर लोग एक दूसरे को लूट रहे हैं।   ऐसी स्तिथि में  महामारी नही आएगी तो क्या आएगी। 

क्या वर्तमान में  उस महामारी को खत्म किया जा सकता है ? 

जी हाँ ,  हमारे सास्त्र कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति जो भक्ति करता हैं परमेश्वर  उनकी असाध्य बीमारी भी ठीक करते हैं ।  अभी तक covid19 असाध्य बीमारी है 
 परमेष्वर कैसे ठीक करेगा?   
 हमारे पवित्र सद्ग्रन्थ वेदों  में बताया है कि जो तत्वदर्शी सन्त हो उनकी शरण मे जाकर उनसे दीक्षा लेनी चाहिए  क्योंकि  तत्वदर्शी सन्त ही तीन ताप के कष्ट को मिटा सकते  हैं ।
 वर्तमान में रामपाल जी महाराज हैं  तत्वदर्शी सन्त है इस  संसार मे  अन्य नही है। क्योंकि सद्ग्रन्थों अनुसार  तत्वदर्शी सन्त के सारे लक्षण सन्त रामपाल जी महाराज पर लागू होते हैं ।  क्योकि गीता अध्याय 15 श्लोक 1 से लेकर 4 तक के श्लोक का वास्तविक अर्थ बताये  हैं।   इसमे लिखा है कि जो यह बता दे , ऊपर को जड़ व नीचे को शाखा वाले अविनाशी पेड़ के सभी विभाग बता दे की कोन ,जड़ है कौन तना, कौन डार, कौंन साखा कौन पत्ते है ? वही वेदों को जानने वाले है ।
सन्त रामपाल जी महाराज जीक ने बताया की -
अक्षर पुरूष एक पेड़ हैं निरंजन वाकी डार , तीनो देवा साखा है पात रूप संसार।।  जड़ रूप में कबीर परमेश्वर को बताया हैं जो सत्य है।  इसलिए वर्तमान में इस असाध्य बीमारी को भी सन्त रामपाल जी महाराज ठीक कर सकते हैं अगर समय रहते उनकी सरण लेकर भक्ति की जाए तो।
सन्त रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेने के बाद लाखो लोगो को कैंसर जैसी बीमारी से निजात मिली है तथा उनको अनेको प्रकार के लाभ प्राप्त होते है बाकी अन्य सन्तो से कोई लाभ नही मिलते क्योकि उनकी समस्त भक्ति क्रियाएं सास्त्र विरुद्ध है ।   अध्याय 16 श्लोक 23 में लिखा है कि जो साधक सास्त्र विरुद्ध साधना करते हैं  उनको न कोई लाभ मिलता न मुक्ति होत हैं।
हम सन्त रामपाल जी महाराज जी द्वारा दी जा रही भक्ति से पूर्ण संतुष्टि के साथ कहते है कि सन्त रामपाल जी महाराज कोरोना वायरस से मुक्ति दिला सकते हैं अगर उनकी बताई भक्ति को अपनाया जाए तो।   क्योकि पूर्णप्रमात्मा व सच्चे तत्वदर्शी सन्त के अध्यात्म ज्ञान में  इतनी ताकत होती हैं कि किसी प्राकृतिक परिवर्तन भी वे कर सकते है । अतः निवेदन हैं कि उनके अध्यात्म ज्ञान  व उनकी दी हुई भक्ति और एक बार विश्वास करके देखे । सम्पूर्ण मानव जाती पर इस समय महामारी की मार हैं इसे  बचा जा सकता हैं ।   
कबीर साहेब जी की वाणी है , सन्त सरन में आने से आई टले भला जो मस्तक में सूली हो कांटे में टल जाय।
इसलिए सन्तो के कथनों  पर विश्वास अति आवश्यक हैं। 

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