मानवता रक्षक सम्मान
ऐतिहासिक महम चौबीसी खाप द्वारा सन्त रामपाल जी महाराज को विशेष मानवता रक्षक सम्मान
हरियाणा की ऐतिहासिक महम चौबीसी खाप पंचायत ने 12 अक्टूबर 2025 को एक अनोखा और गौरवशाली निर्णय लेते हुए सन्त रामपाल जी महाराज को “मानवता रक्षक सम्मान” से सम्मानित किया। यह सम्मान समाज सेवा, मानवता और विशेष रूप से किसानों के हित में किए गए उनके अभूतपूर्व योगदान के सम्मानस्वरूप दिया गया। यह कार्यक्रम महम (जिला रोहतक) में हजारों लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ, जहाँ विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों, किसानों और ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
हरियाणा में आई भयंकर बाढ़ ने वर्ष 2025 में तबाही मचा दी थी। 300 से अधिक गाँव पानी में डूब गए थे, खेत बर्बाद हो गए और लोगों के घरों में पानी भर गया था। उस संकट की घड़ी में जब प्रशासन और लोग परेशान थे, तब संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों ने समाज सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने स्तर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर राहत कार्य चलाए।
उनके अनुयायियों ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में जाकर पाइप, मोटर, डीज़ल पंप, रस्सियाँ, नावें और पानी निकालने के सभी आवश्यक उपकरण नि:शुल्क उपलब्ध कराए। हजारों स्वयंसेवक दिन-रात मेहनत करते हुए गांवों से पानी निकालने में जुटे रहे। कई गाँवों में जहाँ प्रशासन की पहुँच नहीं थी, वहाँ भी संत रामपाल जी के अनुयायियों ने राहत सामग्री पहुंचाई। इससे न केवल गाँवों से पानी निकला बल्कि लोगों के जीवन में राहत की किरण भी पहुँची।
खाप पंचायत के मुखिया और प्रतिनिधियों ने इस कार्य को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताया। उन्होंने कहा कि आज जब समाज में स्वार्थ और दिखावे का बोलबाला है, उस समय संत रामपाल जी महाराज और उनके अ
नुयायियों ने निःस्वार्थ भाव से पूरे हरियाणा में “मानव धर्म” का उदाहरण प्रस्तुत किया है। संत रामपाल जी महाराज ने हमेशा अपने प्रवचनों में बताया है कि सच्चा धर्म मानवता की सेवा करना है, और इस बाढ़ आपदा में उनके अनुयायियों ने इसे व्यवहारिक रूप में सिद्ध कर दिया।
नुयायियों ने निःस्वार्थ भाव से पूरे हरियाणा में “मानव धर्म” का उदाहरण प्रस्तुत किया है। संत रामपाल जी महाराज ने हमेशा अपने प्रवचनों में बताया है कि सच्चा धर्म मानवता की सेवा करना है, और इस बाढ़ आपदा में उनके अनुयायियों ने इसे व्यवहारिक रूप में सिद्ध कर दिया।
समारोह में कई प्रमुख व्यक्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस महान कार्य की सराहना की। खाप पंचायत के मुखिया ने कहा कि “संत रामपाल जी महाराज केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शक ही नहीं, बल्कि किसानों और आम जनता के सच्चे रक्षक भी हैं।” इस अवसर पर “मानव रक्षक सम्मान” का प्रतीक चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।
इस सम्मान के माध्यम से महम चौबीसी खाप पंचायत ने यह संदेश दिया कि समाज में जो व्यक्ति दूसरों की भलाई और देश के हित में निस्वार्थ कार्य करता है, वही सच्चे अर्थों में सम्मान का अधिकारी होता है। संत रामपाल जी महाराज और उनके अनुयायियों की यह सेवा हरियाणा के इतिहास में मानवता और एकता का अमिट उदाहरण बनकर रहेगी।
समापन में, इस कार्यक्रम ने पूरे प्रदेश में यह संदेश फैलाया कि धर्म केवल पूजा-पाठ में नहीं, बल्कि दूसरों की सहायता में निहित है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रेरित यह समाज सेवा भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

0 टिप्पणियाँ