Daily motivational story
>
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों के लिए कुछ मुख्य नियम और शिक्षाएं हैं, जो आध्यात्मिकता, नैतिकता और अनुशासन को बढ़ावा देते हैं। ये नियम सत्संग और सतगुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने में मदद करते हैं। उनके कुछ प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं:
1. भक्ति और सत्संग
केवल पूर्ण सतगुरु द्वारा बताए गए विधि-विधान से भक्ति करें।
नियमित रूप से सत्संग सुनें और सतगुरु की शिक्षाओं का पालन करें।
2. शाकाहारी जीवन
पूर्णतः शाकाहारी भोजन करें। मांस, मछली, अंडा, शराब और नशीले पदार्थों का सेवन न करें।
3. सदाचार और नैतिकता
सत्य बोलें, ईमानदारी से जीवन व्यतीत करें।
चोरी, झूठ, और हिंसा से बचें।
4. समर्पण और अनुशासन
गुरु के प्रति समर्पण और श्रद्धा रखें।
उनके द्वारा दिए गए नामदीक्षा (दीक्षा) के नियमों का पालन करें।
5. सामाजिक कुरीतियों से बचाव
दहेज, व्यभिचार, जातिवाद, और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहें।
किसी भी प्रकार के दिखावे या आडंबर में शामिल न हों।
6. पवित्र जीवन
परनिंदा, ईर्ष्या, और किसी के प्रति द्वेष भावना से बचें।
संयमित और अनुशासित जीवन जीएं।
7. सच्चे ग्रंथों का अध्ययन
गीता, वेद, कुरान, बाइबिल आदि धर्मग्रंथों का सही अर्थ गुरु की व्याख्या के अनुसार समझें।
8. समाज और सेवा
सभी प्राणियों के प्रति दया और करुणा का व्यवहार करें।
समाज में शांति और सद्भाव का प्रसार करें।
9. नियमित साधना
नियमित रूप से गुरु द्वारा बताए गए मन्त्रों का जाप करें।
अपने समय का सदुपयोग करें और नकारात्मक सोच से बचें।
10. सादगी और संयम
सादा जीवन और उच्च विचार रखें।
दिखावे और फिजूलखर्ची से बचें।
ये नियम उनके अनुयायियों को एक श्रेष्ठ जीवन जीने और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त करने में मदद करते हैं।
0 टिप्पणियाँ