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रक्षाबंधन 2022 | Rakshabandhan 2022 Kab hai

Daily Motivational Story


Rakshabandhan : 2020 
      रक्षाबंधन 2022




    रक्षाबंधन क्या है? 


    रक्षाबंधन हिन्दू धर्म के त्योहारों में से एक मुख्य त्योहार है। जो इस वर्ष यानी 11 अगस्त 2022 को है।  इस त्योहार को श्रावण महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहन अपने भाइयों के लिए रक्षा सूत्र लाती है जिसका उद्देश्य होता है कि भाई विपत्ति में बहन की रक्षा करे।  वर्तमान में अनेक तरह की राखियां बाजार में आ चुकी है । इस त्योहार का प्राचीन काल से ही होता आ रहा है।  इस दिन प्रत्येक हिन्दू धर्म के लोग घर मे अच्छे अच्छे पकवान बनाते हैं।  यह त्योहार जेन धर्म मे भी विशेष रूप से मनाया जाता है। 



    रक्षाबंधन का ऐतिहासिक कारण : 2022


    सुना जाता है कि कुछ सेकड़ो वर्ष पहले मेवाड़ की रानी कर्मावती राणा सांगा की पत्नी थी वह मेवाड़ की राज माता भी थी। जब रानी को पता चला कि गुजरात के बहादुर शाह मेवाड़ पर हमला करेगा तथा इस युद्ध के लिए हुमायूं की सहायता जरूरी है तब रानी ने हुमायूं से सहायता के लिए रक्षा सूत्र भेजा। मुगल बादशाह  हुमायूं ने सहायता के लिए सेना तैयार किया और मेवाड़ की सहायता की तथा विजय हुए। 
    इस कारण भी रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। 

    रक्षाबंधन :2022 मनाने के धार्मिक कारण

    कुछ धार्मिक गर्न्थो में राजा बलि दानवीर के नाम से प्रसिद्ध है । जब वह 100 वा यज्ञ कर रहा था तब देवराज इंद्र अपने राज गद्दी छीनने के डर से चिंतित हुआ। इंद्र ने विष्णु जी से सहायता मांगी तो विष्णु जी बामन रूप बनाकर यज्ञ स्थल पर  आए तथा तीन पग धरती दान में मांगी। इस पर बलि ने स्वइच्छा से दान दे दी। बामन रूप में भगवान ने दो कदम धरती व आकाश नाप लिए रब बावन रूप में भगवान ने कहा कि अब तीसरा पेर कहाँ रखे? तब राजा बली ने कहा कि भगवान मेरी पीठ पर रख लो, क्योकि मानव के शरीर को एक पिंड की संघ्या दी है।  तीसरा कदम बलि के सिर पर रख दिया। इससे भगवान खुश हुवा । भगवान ने कहा कि बलि में आपकी  इस दानवीरता से खुश हूं, अभी इस इंद्र को राज करने दे में तुम्हे पाताल लोक का राज देता हूं।  जिससे वह पाताल लोक का राज्य मिला । लेकिन बलि ने एक वरदान मांगा की आप हमेशा मेरे सामने रहोगे।  लक्ष्मी जी बहुत चिंतित हुई। लक्ष्मी जी ने राजा बलि को एक रक्षा सूत्र बांधकर  वरदान में विष्णु जी को मांग लिया। बलि ने स्वीकार किया।  इसी दिन को इस दिन को रक्षाबंधन मनाया जाने लगा। 


    रक्षाबंधन 2022


    क्या रक्षाबंधन से बहन की रक्षा होगी ? 

    बचपन से पढ़ते व सुनते आए हैं कि भाई बहन की रक्षा के लिए रक्षाबंधन मनाया जाता है। लेकिन भाई, बहन की रक्षा कर पाता है? 
    हमारे सभी शास्त्रो में प्रमाण मिलता है कि इंसान जैसे कर्म करेगा फल वैसा ही मिलेगा। फिर बहन के भाग्य में भाई कैसे परिवर्तन कर सकता है। 

    वर्तमान में परिस्तिथि विपरीत है क्योंकि आजकल बहन बेटियों पर कितना जुल्म हो रहा है। जिस दिन दूसरे की बहन बेटी को अपनी बहन बेटी समझने लग जाएंगे तब रक्षाबंधन की जरूरत नही होगी। हम हमारी बहन को रक्षा सूत्र बांधकर किसी पराई बहन को गलत नजर से देखना इस बात का खंडन है। 

    जिस बहन के भाई नही है वह क्या करेगी। 
    जिस बहन के कोई भाई नही है वह बहन रक्षाबंधन के दिन किसे राखी बाधेगी। उस बहन को कितना दुख होगा। दुःखी होना का यह भी एक कारण है। 



    वास्तव में कौन है रक्षा करने वाला परमेश्वर?


    रक्षाबंधन एक मनोरंजन या मेल मिलाप वाला दिन कह सकते हैं मगर भाई द्वारा बहन की रक्षा का इससे कोई प्रयोजन नही है। क्योंकि रक्षा केवल परमेश्वर कर सकता है।  उसी से हमे लाभ मिल सकता है।
    special video for Rakshabandan
    spacial satsang

    उदाहरण :- द्रोपदी का चिर हरण हो रहा था तब संसार के कोई भी मानव जाति रक्षा नही कर सकी। जबकी वहां सभी भीम, कर्ण, भीष्म पितामह, अर्जुन, युधिष्ठिर आदि महारथी मौजूद थे। तब द्रोपदी को लगा कि अब कोई भी हमारी सहायता करने वाला नही है। अंत मे परमेश्वर को याद किया तब उसकी रक्षा हुई। वास्तव में परमेश्वर ही हम सभी का रक्षक है। उनसे रक्षा तभी हो सकती है जब हम पूर्ण सन्त की शरण लेकर भक्ति करेंगे। परमेश्वर से लाभ प्राप्त करने के लिए सतगुरु की शरण आवश्यक है। यही वर्तमान में हमारी रक्षा कर सकते है। 

    वर्तमान में  आध्यात्मिक व परम् सन्त 

    वर्तमान में सतगुरु का पाना सम्पूर्ण मानवजाति के लिए वरदान है।  इस कलयुग में धरती पर परम् सन्त रामपाल जी महाराज है। वे सही भक्ति बताकर समाज का कल्याण कर रहे हैं।  सन्त रामपाल जी महाराज जी ने सभी धर्मग्रंथों से एक परमेश्वर की भक्ति विधि बताई है। सन्त रामपाल जी महाराज से दीक्षा लेकर परमात्मा से मिलने वाला लाभ प्राप्त करे। सन्त जी अपने प्रवचनों में कहते हैं कि जो मानव एक बार कबीर परमेश्वर की भक्ति करने लगा जाता है तो वह मोक्ष पाने का अधिकार बन जाता है। वर्तमान में मोक्ष पाना बिल्कुल सरल हो गया है।  सभी भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणी के अनुसार सन्त रामपाल जी महाराज भारत को विश्वगुरू बनाएंगे।  सन्त रामपाल जी महाराज का उद्देश्य है मानव जाति को सनातन परम् धाम की प्राप्ति करवाना। 
    हम सभी की रक्षा केवल पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी कर सकते हैं।  इंसान स्वम अपनी रक्षा भी नही कर सकता किसी ओर की कैसे कर सकता है।  कई बार अखबारों में सुनने को आता है कि रक्षाबन्दन के दिन भाई की लाश आती है। पूरा परिवार बिलख रहा होता है।  इसलिए पूर्ण परमात्मा की ओट अवश्य लेनी चाहिए ताकि आपत्तिजनक स्तिथि में रक्षा हो सके। 

    अधिक जानकारी के लिए  सम्पूर्ण आध्यात्मिक ज्ञान अवश्य ग्रहण करे।
     रोजाना मंगल प्रवचन देखे साधना Tv, 7:30pm से

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    1 टिप्पणियाँ

    बेनामी ने कहा…
    good