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Daily motivational story 

केंसर  दिवस 

नमस्कार , केंसर day पर आज हम हम आपको बतायेंगे की केंसर से केसे निजात पा सकते है  

 जैसा आप जानते ही है कि 4 फरवरी को कैंसर डे मनाया जाता है लेकिन यह क्यो मनाया जाता है इसके पीछे दुनिया मे फैली इस लाइलाज बीमारी की रोकथाम के लिए लोगो को इससे सजग रहने की जानकारी दी जाती है ताकि समय पर जागरूक रहकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।  
इस दिन कैंसर बीमारी के लक्षणों , इलाज , और बचाव के बारे में परहेज सम्बन्धी जानकारी को साझा किया जाता है 
कैंसर दिवस की सुरुआत 4 फरवरी सन 2000 में पेरिस में कई गई थी।  केंसर के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए इसे विश्व स्तर पर इस दिन को विश्व केंसर दिवस के रूप में मनाने लगे। 

अब बात करते हैं हमारे देश मे केंसर की स्तिथिकी।  दोस्तो भारत मे अगर आंकड़े की बात की जाए तो काफी आघात करने वाला है, यहां हर 2 मिनट में 3 केंसर पीड़ित की मौत होती है। एक अध्ययन के मुताबिक भारत मे हर 10 केंसर पीड़ित व्यक्ति में से 7 की मौत होती है यह आंकड़े डरावने वाले हैं जी की किसी महामारी से कम नही है। 
 
 कैंसर वो भयानक बीमारी हैं जिसका प्रकोप पड़ते ही व्यक्ति खुद को मृत्यु के निकट महसूस करने लगता है। Cancer जानलेवा बिमारी है, इसका इलाज कराने के लिए लोग chemotherapy, surgery, bone marrow transplant, radiation इत्यादि जैसे उपचार करवाते है, इस प्रकार के उपचार करवाने के दौरान  लाखो रुपये खर्च हो जाते है परन्तु फिर भी 70 प्रतिशत उपचार कामयाब नहीं होते। एक हद्द तक पहुच जाने के बाद कैंसर के विषय मे डॉक्टर भी यही कहकर हाथ खड़े कर देते है कि काश ! इसके विषय मे पहले आपने चेकअप कराया होता , काश ! आप मरीज को थोड़ा जल्दी ले आते अब तो ये भगवान भरोसे है 
इस वाक्य को सुनने के बाद मरीज के घरवालों की रातों की नींद उड़ जाती है 
कैंसर को लेकर देश विदेश में लंबे समय से रिसर्च चलती आ रही है पर समस्या ये है कि सटीक इलाज अभी तक नही मिल पाया है इसके लिए अनेकों थेरेपी एवं दवाइयां प्रयोग में लाई जा चुकी हैं लेकिन उनके आधार कोई संभावना नहीं जताई जा सकती कि व्यक्ति पूर्ण रूप से स्वस्थ होगा या फिर नही।

 दोस्तो यह बीमारी  इंसान अपनी जान जोखिम में डालता है।  नशीले पदार्थो पर स्प्ष्ट लिखा होता है कि इसके खाने से कैंसर होता है लेकिन इंसान हैं जो कि मानता नही। धूम्रपान-सिगरेट , बीड़ी, तंबाकू, पान, सुपारी, पान मसालों, एवं गुटकों के सेवन से कैंसर होता है इसका प्रयोग करना दो दूर इसके सेवन करने वालो की भी मदद नही करना चाहिए। 

एक नैशनल कैंसर रजिस्‍ट्री प्रोग्राम रिपोर्ट 2020 के अनुसार, इस वक्‍त देश में कैंसर के 13.9 लाख मामले हैं। यह आंकड़ा 2025 तक 15.7 लाख तक पहुंचने की संभावना है कैंसर दिनों दिन पैर पसार रहा है लेकिन इलाज अभी तक नही मिला अपने आप में ये एक जटिल समस्या है 

 लेकिम दोस्तो कहते हैं ना कि जहाँ विज्ञान का अंत होता है वही से अध्यात्म की सुरुआत होती है।  ये साक्ष्य हमे वेदों से मिला जिसका 100 प्रतिशत फायदा मिल सकता है। 
 अध्यात्म ज्ञान ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्ति है जिसके आगे विज्ञान फ़ेल है। परमात्मा के गुणों में लिखा है कि भगवान होनी को टाल के अनहोनी कर देता है, मुर्दे को जिंदा कर देता है, पाप नाश कर के आयु बढ़ा दता है। 
प्रमाण के लिए यजुर्वेद , अध्याय8 मंत्र 13 में लिखा है कि हे परमेश्वर आप भक्ति करने वाले के पापों के पाप को नाश करने वाले हैं तथा मृत्यु 100 वर्ष की आयु प्रदान करने वाले हो। ।


ऋग्वेद, मंडल 10, सूक्त 163, मंत्र 1 में ओर भी प्रमाण मिलता है 

अक्षीभ्यां ते नासिकाभ्यां कर्णाभ्यां छुबुकादधि ।
यक्ष्मं शीर्षण्यं मस्तिष्काज्जिह्वाया वि वृहामि ते ॥१॥
इसमे लिखा है कि  परमात्मा पाप कर्म से हमारा नाश करने वाले हर कष्ट को दूर कर विषाक्त रोग को काटकर हमारे नाक, कान, मुख, जिव्हा, शीर्ष, मस्तिष्क सभी अंग-प्रत्यंगों की रक्षा कर सकते हैं।
 दोस्तो ऐसे सेकड़ो प्रमाण हमारे अध्यात्म ग्रन्थों में मिलते हैं लेकिन हम जब सुखी होते हैं तब इन बातों पर गौर नही करते। 

इस अध्यात्म ज्ञान से वर्तमान समय मे कुछ ऐसा ही देखने को मिला है कि जहां व्यक्ति मरने की कगार पर थे अपने आखिरी दिन गिन गिन कर सांस ले रहे थे वो एक महापुरुष के आशीर्वाद मात्र से ठीक हो गए , जिनके घर परिवार  कैंसर ने पूरी तरह उजाड़ दिये थे उन्हें दोबारा एक जीने की उम्मीद मिली और एक सन्त जी के दिव्य आशीर्वाद से सब कुछ उजड़ा हुवा परिवार वापस बसा दिया। 

सर्वप्रथम आप सुनिए उन कैंसर पीड़ितों की आपबीती और पीड़ितों की मुह जुबानी जानिए उस महापुरुष का नाम जिसके आशीर्वाद मात्र से भयानक से भयानक कैंसर , aids , brain tumor ओर टीबी जैसी लाइलाज बीमारियों का अंत हुआ है दोस्तो आध्यात्मिक तत्वज्ञान ही सब पापों का नाश करने वाला है लेकिन इस ज्ञान को बताने वाला पूर्ण सन्त होना चाहिए। 

संत रामपाल जी महाराज वर्तमान में सच्चे सतगरू है जो सर्व गर ग्रन्थो व आने भयंकर बीमारियों महामारियों से हमे सुरक्षित कर सकते हैं इसके लिए मानव समाज को उनके आदेशो व ज्ञान आधार से चलना होगा। उनके द्वारा बताई गई भक्ति से कैंसर एड्स व अन्य लाइलाज बीमारियां भी ठीक हो जाती हैं। क्योंकि हर बीमारी का इलाज सत भक्ति से ही संभव है। और यह बात हमारे पवित्र शास्त्र भी प्रमाणित करते हैं की वह परमात्मा अपने साधक की अकाल मृत्यु तक टाल सकता है और उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान करता है। असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं। आखिर हम भगवान को इसलिए ही पूजते हैं कि जो अंधे को आँख दे कोढ़ी को काया , बांझ को पुत्र दे निर्धन को माया। 
सन्त रामपाल जी महाराज वही भक्ति बताते हैं जो 600 वर्ष पहले कबीर साहेब जी बताया करते थे तो देर नही करे उनके सत्संग प्रवचन जरूर सुने ओर आने वाली बीमारियों से अपने आप को सुरक्षित करे।


कबीर साहेब जी कहते है की - जो जन मेरी शरण में ताका हु में दास  गेल गेल लग्या  फिरू जब तक धरती आकाश 
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