Daily motivational story
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जागो रे परमेश्वर के चाहने वालो, प्रकट हो चुका हैं जगत का तारणहार।।
यह बात बिल्कुल ठीक है कि सबका मालिक/रब/खुदा/अल्लाह/गोड/ राम/परमेश्वर एक ही है जिसका वास्तविक नाम कबीर है और वह अपने सतलोक/सतधाम/सच्चखण्ड में मानव सदृश स्वरूप में आकार में रहता है। लेकिन अब हिन्दु तो कहते हैं कि हमारा राम बड़ा है, मुसलिम कहते हैं कि हमारा अल्लाह बड़ा है, ईसाई कहते हैं कि हमारा ईसामसीह बड़ा और सिक्ख कहते हैं कि हमारे गुरु नानक साहेब जी बड़े हैं। ऐसे कहते हैं जैसे चार नादान बच्चे कहते हैं कि यह मेरा पापा, दूसरा कहेगा यह मेरा पापा है तेरा नहीं है, तीसरा कहेगा यह तो मेरा पिता जी है जो सबसे बड़ा है और फिर चैथा कहेगा कि अरे नहीं नादानों! यह मेरा डैडी है, तुम्हारा नहीं है। जबकि उन चारों का पिता वही एक ही है। इन्हीं नादान बच्चों की तरह आज हमारा मानव समाज लड़ रहा है।
‘‘कोई कहै हमारा राम बड़ा है, कोई कहे खुदाई रे।
कोई कहे हमारा ईसामसीह बड़ा, ये बाटा रहे लगाई रे।।‘‘
जबकि हमारे सभी धार्मिक ग्रन्थों व शास्त्रों में उस एक प्रभु/मालिक/रब/खुदा/अल्लाह/ राम/साहेब/गोड/परमेश्वर की प्रत्यक्ष नाम लिख कर महिमा गाई है कि वह एक मालिक/प्रभु कबीर साहेब है जो सतलोक में मानव सदृश स्वरूप में आकार में रहता है।
दोस्तो, आज मानव समाज उस दहलीज पर खड़ा है कि परमेश्वर को चाहने वालो के लिए सवर्ण युग हैं क्योकि वर्तमान समय वो हैं जब परमेश्वर का स्वम आना निर्धारित हैं जिसके बारे में परमेश्वर ने स्वम कहा हैं कि में कलयुग में 5505 वर्ष बीत जाने पर संसार मे आऊँगा। जगत का तारणहार सन्त हमारे बीच हैं अगर यह समय चूक गए तो फिर कभी परमेश्वर को नही पा सकते।
कबीर साहेब जी ने कबीर सागर में बताया हैं कि 5505 वर्ष बीत जाएगा तब में स्वम आकर सच्चा ज्ञान बताकर सब मानव का उद्धार करूंगा ।
दोस्तो यह वर्तमान समय हमारे लिए सवर्ण युग हैं जिसमे हम स्वम परमेश्वर की सच्ची भक्ति करके हमेशा इस मृत्यु लोक से मुक्त हो सकते हैं।वह कबीर परमेश्वर स्वम सन्त रामपाल जी महाराज जी के रूप में लीला स्वरूप विराजमान है उनको ज्ञान आधार से ही पहचान सकते है क्योकि 600 वर्ष पहले कबीर साहेब जी आये थे तब उनको न पहचान कर हमने ओर हमारे मानव समाज ने उस समय का फायदा न उठाकर भगवान को ही दोष देने लगे थे । सन्त रामपाल जी महाराज जी ने सभी धार्मिक सद्ग्रन्थों से एक परमात्मा की सही भक्ति व मंत्र बताकर सिद्ध किये है कि वर्तमान में केवल सन्त रामपाल जी ही असली व सतगुरु हैं। उनके विषय मे प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्यवाणीपढ़ेंगे तो 100 प्रतिशत सन्त रामपाल जी महाराज जी पर खरी उतरती हैं।
नास्त्रेदमस ने कहा था, ठहरो स्वर्ण युग आ रहा है। एक अधेड़ उम्र का उदा महासत्ता अधिकारी भारत ही नहीं सारी पृथ्वी पर स्वर्ण युग लाएगा और अपने सनातन धर्म का पुनरूत्थान करके यथार्थ भक्ति मार्ग बताकर सर्वश्रेष्ठ हिन्दू राष्ट्र बनाएगा।
हिन्दुस्तान में उदयन होने वाला तारणहार शायरन दुनिया में सुख समृद्धि व शान्ति प्रदान करेगा। नास्त्रोदमस जी ने निःसंदेह कहा है कि प्रकट होने वाला शायरन अभी ज्ञात नहीं है लेकिन वह क्रिश्चन अथवा मुस्लमान हरगिज नहीं है। वह हिन्दू ही होगा और मैं नास्त्रोदमस उसका अभी छाती ठोक कर गर्व करता हूं क्योंकि उस दिव्य स्वतंत्रा सूर्य शायरन का उदय होते ही सारे पहले वाले विद्वान कहलाने वाले महान नेताओं को निष्प्रभ होकर उसके सामने नम्र बनना पडे़गा। वह हिन्दुस्तानी महान तत्वदृष्टा संत सभी को अभूतपूर्व राज्य प्रदान करेगा। नास्त्रोदमस ने निःसंदेह कहा है कि प्रगट होने वाला शायरन केवल हिन्दू ही होगा।
सभी को समान कायदा, नियम, अनुशासन पालन करवा कर सत्य पथ पर लाएगा। मैं (नास्त्रोदमस) एक बात निर्विवाद सिद्ध करता हूं वह शायरन (धार्मिक नेता) नया ज्ञान आविष्कार करेगा। वह सत्य मार्ग दर्शन करवाने वाला तारणहार एशिया खण्ड में जिस देश के नाम महासागर (हिन्द महासागर) है। उसी नाम वाले (हिन्दुस्तान) देश में जन्म लेगा। वह ना क्रिश्चन, ना मुस्लमान, ना ज्यू होगा वह निःसंदेह हिन्दू होगा। अन्य भूतपूर्व धार्मिक नेताओं से महतर बुद्धिमान होगा और अजिंकय होगा। (नास्त्रोदमस भविष्यवाणी के शतक 6 श्लोक 70 में महत्वपूर्ण संकेत संदेश बता रहा है) उस से सभी प्रेम करेगें। उसका बोल बाला रहेगा। उसका भय भी रहेगा। कोई भी अपकृत्य करना नहीं सोचेगा। उसका नाम व कीर्ती त्रिखण्ड में गुंजेगी अर्थात् आसमानों के पार उसकी महिमा का बोल-बाला होगा। अब तक अज्ञान निंद्रा में गाढ़े सोए हुए समाज को तत्व ज्ञान की रोशनी से जगाएगा। सर्व मानव समाज हड़बड़ा कर जागेगा। उसके तत्व ज्ञान के आधार से भक्ति साधना करेगा। सर्व समाज से सत्य साधना करवाएगा। जिस कारण सर्व साधकों को अपने आदि अनादि स्थान (सत्यलोक) में अपने पूर्वजों के पास ले जा कर वहां स्थाई स्थान प्राप्त करवाएगा (वारिस बनाएगा)। इस क्रुर भूमि (काल लोक) से मुक्त करवाएगा, यह शब्द बोल उठेगा
तीन ओर से सागर से घिरे द्वीप (हिन्दुस्तान देश) में उस महान संत का जन्म होगा उस समय तत्व ज्ञान के अभाव से अज्ञान अंधेरा होगा। नैतिकता का पतन होकर हाहाकार मचा होगा। वह शायरन (धार्मिक नेता) गुरुवर अर्थात् गुरुजी को वर (श्रेष्ठ) मान कर अपनी साधना करेगा तथा करवाएगा। वह धार्मिक नेता (तत्वदर्शी सन्त) अपने धर्म बल अर्थात् भक्ति की शक्ति से तथा तत्वज्ञान द्वारा सर्व राष्ट्रों को नतमस्तक करेगा। एशिया में उसे रोकना अर्थात् उस के प्रचार में बाधा करना पागलपन होगा।
मुझ (नास्त्रोदमस) को उसका नया उपाय साधना मंत्र ऐसा जालिम मालूम हो रहा है जैसे सर्प को वश करने वाला गारड़ू मंत्र से महाविषैले सर्प को वश कर लेता है। वह नया उपाय, नया कायदा बनाने वाला तत्ववेता दुनिया के सामने उजागर होगा उसी को मैं (नास्त्रोदमस) अचंभित होकर ’’गे्रट शायरन‘‘ बता रहा हूं
उसी देश के नाम पर महासागर का भी नाम है (हिन्दमहासागर)।
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